
देहरादून। राजकीय दून चिकित्सालय के ब्लड बैंक में रक्त की कमी और बेहद कम डोनेशन को लेकर गुरुवार को प्राचार्य ने रक्त बैंक प्रभारी के सामने कड़ी नाराज़गी जताई। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि दिनभर में केवल चार यूनिट रक्तदान हुआ, जबकि ब्लड बैंक में कुल नौ टेक्निशियन तैनात हैं, जिनमें से चार मॉर्निंग ड्यूटी पर रहते हैं इसके अलावा एक स्टाफ नर्स, छह फैकल्टी डॉक्टर और चार अन्य कार्मिक भी मौजूद हैं।
जानकारी के अनुसार ब्लड डोनेशन मुख्य रूप से मॉर्निंग शिफ्ट में ही लिए जाते हैं और वह भी बेहद कम संख्या में, जिससे रक्त की उपलब्धता प्रभावित हो रही है इस पर प्राचार्य ने ब्लड बैंक के HOD से कड़े सवाल पूछे—जब पर्याप्त स्टाफ मौजूद है तो रक्त संग्रह इतना कम क्यों है? समय पर रक्तदान शिविर क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं? और अस्पताल प्रशासन, विशेषकर एमएस व प्राचार्य को स्थिति की जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई?
प्राचार्य डॉ गीता जैन ने स्पष्ट कहा कि सिर्फ स्टाफ की मांग करते रहने से काम नहीं चलेगा; पहले उपलब्ध मानव संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना होगा। उन्होंने ब्लड बैंक प्रबंधन को नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने, जागरूकता बढ़ाने और प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए।
रक्त की कमी को दूर करने के लिए शुक्रवार को राजकीय दून चिकित्सालय में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा, जिससे मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
