
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने अस्पताल में संचालित हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) यूनिट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यूनिट में उपलब्ध उपकरणों, उपचार प्रक्रिया तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।
इस अवसर पर प्राचार्या ने बताया कि एचबीओटी यूनिट के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जा रही है, ताकि उपचार व्यवस्था को और व्यवस्थित तथा प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि एसओपी लागू होने से मरीजों को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से उपचार उपलब्ध कराना और भी आसान होगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में एचबीओटी यूनिट में प्रतिदिन औसतन लगभग तीन मरीजों को उच्चचाप ऑक्सीजन थेरेपी दी जा रही है। इस थेरेपी का उपयोग विशेष रूप से बर्न (जलन) के मरीजों तथा हेड और नेक सर्जरी के बाद रिकवरी कर रहे रोगियों के उपचार में किया जा रहा है। उच्चचाप ऑक्सीजन थेरेपी से शरीर के ऊतकों में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे घाव भरने की प्रक्रिया तेज होती है और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने संबंधित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से उपचार प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार स्थानीय स्तर पर ही मिल सके।
