
देहरादून, 15 मार्च। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने शासकीय आवास पर परिवार के साथ उत्तराखंड के लोक पर्व फूलदेई को हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया। इस दौरान पारंपरिक परिधान पहनकर पहुंचे पर्वतीय संस्कृति संरक्षण समिति और कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद के बच्चों ने कृषि मंत्री गणेश जोशी के आवास की देहरी पर फूल और चावल अर्पित कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
बच्चों ने “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला-उतुके सई” जैसे पारंपरिक लोकगीत गाकर पर्व की खुशियों को और भी बढ़ाया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बच्चों का स्नेह स्वागत करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश वासियों को लोक पर्व फूलदेई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का यह पर्व प्रकृति, खुशहाली और नई ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बसंत ऋतु के आगमन पर मनाया जाने वाला यह पर्व हमारे समाज में प्रेम, सौहार्द और समृद्धि का संदेश देता है।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जब छोटे-छोटे बच्चे घर-घर जाकर देहरी पर फूल अर्पित करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, तो यह हमारी संस्कृति की जीवंतता और आपसी भाईचारे की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोक पर्व हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान का भाव सिखाते हैं।उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी लोग अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में योगदान दें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन अमूल्य विरासतों से जुड़ी रहें। मंत्री गणेश जोशी ने सभी प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की धर्मपत्नी निर्मला जोशी, सचिव चंद्रशेखर जोशी, उपाध्यक्ष मोनिका रावत, पूनम पंवार, राकेश प्रियंका प्रधान, केंद्रीय सांस्कृतिक सचिव बबीता साह लोहनी,पुष्पा बिष्ट, सीमा बिष्ट, गणेश कांडपाल, विनोद कांडपाल सहित कई लोग उपस्थित रहे।
