
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज (GDMC), देहरादून में आधुनिक मॉड्यूलर पोस्टमार्टम/ऑटोप्सी कॉम्प्लेक्स के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इसके लिए भूमि चिन्हित एवं हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
प्राप्त आदेश के अनुसार पटेल नगर क्षेत्र में खसरा संख्या 484 (0.0490 हेक्टेयर) तथा 485 (0.1050 हेक्टेयर), कुल 0.1540 हेक्टेयर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज को ऑटोप्सी भवन की स्थापना हेतु हस्तांतरित की गई है इससे राज्य की राजधानी में स्थित उत्तराखण्ड के सबसे बड़े राजकीय मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक फॉरेंसिक सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या प्रो. डॉ. गीता जैन के अनुसार, यह बहुप्रतीक्षित परियोजना कॉलेज, फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के निरंतर प्रयासों का परिणाम है उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड शासन के सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री सचिन कुर्वे के सक्रिय सहयोग और त्वरित प्रशासनिक निर्णय के कारण यह लंबित प्रस्ताव अब साकार हो सका है।
प्रस्तावित मॉड्यूलर पोस्टमार्टम कॉम्प्लेक्स से राज्य में वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप पोस्टमार्टम सुविधाएँ विकसित होंगी, न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी तथा MBBS, PG और पैरामेडिकल विद्यार्थियों को आधुनिक फॉरेंसिक प्रशिक्षण की उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज कुमार ने इसे राज्य की चिकित्सा शिक्षा और न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे मृत्यु जांच प्रणाली अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
