देहरादून। वर्तमान समय में देहरादून में बढ़ते वायु प्रदूषण ने सबको चौंका दिया है बीते दिसंबर माह में एक्यूआई का दो बार 300 के पार जाना अपने आप में एक गंभीर सवाल बन गया है कि आख़िर क्यों वैली में प्रदूषण इतना ज़्यादा हो रहा है। पर्यावरणीय समस्या एक गंभीर समस्या बन चुका है।

अभी तक यह समस्या बड़े शहरो तक ही गंभीर समस्या थी,परन्तु अब देहरादून मे बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिकीकरण, वाहनों की संख्या और पेड़ों की कटाई के कारण वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। आमतौर पर सर्द मौसम प्रदूषित वायु ठंडी होकर सतह पर आ जाती है जो कि मानव स्वास्थ्य पर अनेक दुष्प्रभाव डालती है, जिनमें आँखों पर पड़ने वाला प्रभाव अत्यंत हानिकारक है।

वायु प्रदूषण में उपस्थित धूल, धुआँ, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और अन्य विषैली गैसें आँखों में जलन, खुजली और लालिमा उत्पन्न करती हैं। प्रदूषित वातावरण में रहने से आँखों से बार-बार पानी आना, सूखापन(ड्राई आई सिंन्द्रोम) तथा भारीपन महसूस होता है। कई बार एलर्जी (एलर्जीक कंजुक्टिविटीस )और आँखों के संक्रमण जैसी समस्याएँ भी हो जाती हैं।

लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से दृष्टि शक्ति कमजोर हो सकती है और गंभीर नेत्र रोगों का खतरा बढ़ जाता है। वायु प्रदूषण से आँखों की रक्षा के लिए सावधानी आवश्यक है जल्दी सुबह और देर रात मे बाहर टहलने से परहेज करना चाहिए।दिन मे बाहर निकलते समय धूप का चश्मा पहनना चाहिए ताकि धूल और धुएँ से आँखें सुरक्षित रहें हो सके तो धूल एवं धुए के वातावरण मे मास्क का प्रयोग करें |बाहर से आने के बाद आँखों को नियमित रूप से साफ पानी से धोना चाहिए| गंदे हाथों से आँखें नहीं रगड़नी चाहिए।

स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए तथा वाहनों के उपयोग को कम करना चाहिए। आँखों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत नेत्र चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

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